हार्ट अटैक का मुख्य कारण क्या है?HealthPlanet

Posted on Wed 30th Nov 2022 : 13:50


हार्ट अटैक

हमारा हृदय यानी की दिल एक मस्कुलर अंग है, जो दिन में 1 लाख बार धड़कता है। हमारा दिल छाती के बाईं ओर होता है, जो कि 24 घंटों में पूरे शरीर में 5000 गैलन रक्त पंप करता है। हृदय का मुख्य कार्य हमारे टिश्यू को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति करना है। अगर यह अंग अपने काम को पूरा करने में विफल रहता है, तो इसका परिणाम जीवन के लिए खतरा भी साबित हो सकता है। आइए हार्ट अटैक के बारे में विस्‍तार से जानते हैं-
क्या है हार्ट अटैक?

What is heart attack: मेडिकल की भाषा में कहें तो हार्ट अटैक को मायोकार्डियल इनफार्क्शन (Myocardial infarction) के रूप में जाना जाता है। 'मायो' शब्द का अर्थ है मांसपेशी जबकि ‘कार्डियल’हृदय को दर्शाता है। वहीं दूसरी ओर, 'इनफार्क्शन' अपर्याप्त रक्त आपूर्ति के कारण टिश्यू के नष्ट होने को संदर्भित करता है। टिश्यू के नष्ट होने से हृदय की मांसपेशियों को लंबे समय तक नुकसान पहुंच सकता है। दिल का दौरा एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आमतौर पर हृदय की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनी पूरी तरह से अवरुद्ध होने के कारण अचानक खून की सप्लाई बंद कर देती है। इससे हृदय की मांसपेशियों की कोशिकाएं मर जाती हैं। धमनी में ब्लॉकेज यानी की रुकावट अक्सर प्लाक के जमा होने के कारण होती है, जिसके परिणामस्वरूप कोरोनरी हार्ट डीजिज (सीएचडी) होती हैं। अगर इस स्थिति को बिना उपचार के छोड़ दिया जाए तो यह किसी भी व्यक्ति के लिए घातक साबित हो सकता है। मायोकार्डियल इंफ्रेक्शन या दिल के दौरे के कारण दिल के टिश्यू को होने वाले नुकसान की गंभीरता अटैक की अवधि (अटैक कितनी देर के लिए आया है) पर निर्भर करती है। अगर आप पहले ही इस स्थिति का निदान कर लेते हैं और उपाचर प्राप्त कर लेते हैं तो आपको कम ही नुकसान होता है।
हार्ट अटैक के क्या कारण हैं?

Heart attack causes: आपके दिल की मांसपेशियों को लगातार ऑक्सीजन के साथ रक्त की आवश्यकता होती है, जिसे कोरोनरी धमनियां पूरा करती हैं। यह रक्त आपूर्ति तब अवरुद्ध हो जाती है जब आपकी धमनियों में प्लाक जमा होता है और नसें संकीर्ण हो जाती हैं। यह फैट, कैल्शियम, प्रोटीन और इंफ्लेमेशन कोशिकाओं द्वारा होता है। प्लाक जमा होने से बाहरी परत कठोर होती है जबकि भीतरी परत मुलायम रहती है। प्लाक कठोर होने की स्थिति में बाहरी आवरण टूट जाता है। इसके टूटने से ऐसी स्थिति बनती है, जिसमें नस के चारों ओर रक्त के थक्के बनने लगते हैं। अगर एक भी रक्त का थक्का आपकी धमनी में आ जाता है तो इससे रक्त की आपूर्ति बाधिक होती है, जिसके कारण आपके हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है और स्थिति खराब हो जाती है। ऐसा होने पर मांसपेशी मर जाती है, जिसके परिणामस्वरूप दिल को नुकसान पहुंचता है। नुकसान की तीव्रता, उपचार और अटैक के बीच के समय के अंतराल पर निर्भर करती है। दिल का दौरा पड़ने के बाद हृदय की मांसपेशियां खुद की मरम्मत करने लगती हैं। औसतन, उन्हें ठीक होने में लगभग 2 महीने लगते हैं।
हार्ट अटैक के जोखिम कारक

Heart attack risk Factors: दिल का दौरा पड़ने के पीछे कई जोखिम कारक हो सकते हैं। यहां, हम आपको सबसे प्रमुख कारकों के बारे में बता रहे हैं:

आयु: यह दिल के दौरे के आपके जोखिम को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साक्ष्य बताते हैं कि 45 साल की उम्र से अधिक पुरुषों और 55 साल की उम्र से ऊपर की महिलाओं को दिल का दौरा पड़ने की संभावना अधिक होती है।

लिंग: महिलाओं की तुलना में पुरुषों को दिल का दौरा पड़ने की संभावना 2 से 3 गुना अधिक होती है। महिला हार्मोन, एस्ट्रोजन, महिलाओं के मामले में ढाल का काम करता है।

आनुवांशिक प्रवृत्ति: अगर आपके घर में पीढ़ियों से ह्रदय रोग (माता-पिता, भाई या बहन) का इतिहास रहा है तो आपको दिल का दौरा या स्ट्रोक होने की संभावना सामान्य आबादी की तुलना में दो गुना है।

हाई ब्लड प्रेशर: लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड प्रेशर का स्तर आपके ह्रदय को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों को नुकसान पहुंचा सकता है जिससे आप दिल के दौरे की चपेट में आ सकते हैं।

खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड का उच्च स्तर: खराब कोलेस्ट्रॉल या एलडीएल का आपकी धमनियों पर नकरात्मक प्रभाव पड़ता है क्योंकि इस कारण से आपकी नसें संकीर्ण हो जाती हैं। इसके अलावा, ट्राइग्लिसराइड के रूप में जाना जाने वाला ब्लड फैट भी दिल का दौरा पड़ने की संभावना को बढ़ा सकता है। ये दोनों कारक काफी हद तक आपकी डाइट से संबंधित होते हैं। इसलिए, दिल का दौरा पड़ने के अपने जोखिम को कम करने के लिए सावधानीपूर्वक भोजन करना महत्वपूर्ण है।

मोटापा: डायबिटीज के विकास की संभावना को बढ़ाते हुए आपके शरीर का अत्यधिक वजन आपके एलडीएल, ट्राइग्लिसराइड के स्तर को बढ़ा सकता है। ये सभी हार्ट अटैक के पीछे संभावित जोखिम कारक हैं। शारीरिक रूप से सक्रिय रहना और सीमित मात्रा में भोजन करना शरीर के आदर्श वजन को बनाए रखने का आधार है।

डायबिटीज: यह स्थिति हाई ब्लड शुगर के स्तर से चिह्नित करती है, एक अन्य स्थिति जो आपको दिल के दौरे की चपेट में ला सकती है।

तनाव: यह आपके ब्लड प्रेशर के स्तर को बढ़ाने के लिए जाना जाता है, जैसा कि पहले ही उल्लेख किया गया है, ये मायोकार्डियल इंफ्रेक्शन के पीछे एक प्रमुख जोखिम कारक है।

धूम्रपान: यह आपकी धमनियों को कठोर बनाता है और आपके ब्लड प्रेशर के स्तर को बढ़ाता है। ये सभी आपके दिल के दौरे के खतरे को बढ़ाते हैं।

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